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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»78 साल बाद भी सिरमौर रेल से वंचित, सांसद बने ‘गायब’ : अवनीत लांबा
    सिरमौर

    78 साल बाद भी सिरमौर रेल से वंचित, सांसद बने ‘गायब’ : अवनीत लांबा

    By Himachal VartaApril 22, 2025
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    नाहन( हिमाचल वार्ता न्यूज़) (एसपी जैरथ):- सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ने का दशकों पुराना सपना आज भी अधूरा है। पांवटा साहिब ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अवनीत सिंह लांबा ने भाजपा सांसद पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद, सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ने में भाजपा सांसद पूरी तरह विफल रहे हैं।

    उन्होंने सांसद को ‘गायब’ करार देते हुए कहा कि वे संसद में केवल रेस्ट हाउस के मुद्दे तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि सिरमौर की जनता रेल जैसी महत्वपूर्ण परियोजना की उम्मीद लगाए बैठी है।

     

    लांबा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस भाजपा को दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर पार्टी कहा जाता है, उसके सांसद शिमला संसदीय क्षेत्र के लिए रेल लाइन के सर्वे हेतु बजट तक नहीं जुटा पाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सांसद क्षेत्र के विकास के प्रति इतने उदासीन क्यों हैं।

    उन्होंने कहा कि एक ओर ब्रिटिश शासन ने आजादी से पहले शिमला तक रेल पहुंचा दी थी, वहीं भाजपा सांसद रेल के मुद्दे पर चुनाव जीतकर भी सिरमौर को रेल से जोड़ने में नाकाम रहे हैं।उन्होंने कहा कि सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक रूप से भी यह क्षेत्र के विकास के लिए वरदान साबित होगा।

    पांवटा साहिब और काला अंब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को रेल से जोड़ने से व्यापार और आवागमन में सुगमता आएगी। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड और हरियाणा की सीमाओं से लगे होने के कारण, सिरमौर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें रेल लाइन से और बढ़ावा मिलेगा।

    लांबा ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर पांवटा-शिलाई-गुम्मा-रोहड़ू-जुब्बल-चौपाल राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरा होने के बाद, रेल लाइन से सेब और अन्य उत्पादों को देश की बड़ी मंडियों तक समय पर पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों और बागवानों को सीधा लाभ होगा।

    उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ने का मुद्दा हर संसदीय चुनाव में उठाया जाता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सांसद इसे भूल जाते हैं। उन्होंने पूर्व भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कम से कम संसद में इस मुद्दे को उठाया था, जबकि मौजूदा सांसद तो इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय रहे हैं।

    लांबा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सांसद केवल मुद्दों की राजनीति से गायब नहीं हुए हैं, बल्कि उन्होंने जनता के भरोसे को भी तोड़ा है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन पर दूसरी बार विश्वास जताया था, लेकिन वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। लांबा ने मांग की कि केंद्र सरकार और सांसद को सिरमौर को रेल लाइन से जोड़ने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिल सके।

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