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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»मुख्यमंत्री की मर्यादाहीन टिप्पणियाँ कांग्रेस की बौखलाहट का परिणाम – निजी पारिवारिक आयोजन को राजनीति से जोड़ना ओछी मानसिकता का परिचायक : बलदेव तोमर
    सिरमौर

    मुख्यमंत्री की मर्यादाहीन टिप्पणियाँ कांग्रेस की बौखलाहट का परिणाम – निजी पारिवारिक आयोजन को राजनीति से जोड़ना ओछी मानसिकता का परिचायक : बलदेव तोमर

    By Himachal VartaMay 2, 2025
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़) मुख्यमंत्री सुकखु और कांग्रेस नेता भाजपा नेताओं के निजी जीवन को निशाना बनाकर जनता का ध्यान महंगाई, भ्रष्टाचार, अराजकता और प्रशासनिक विफलताओं से भटकाना चाहते हैं। यह उनकी बौखलाहट और राजनीतिक दिवालियापन का प्रमाण है।
    पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, सांसद एवं अन्य वरिष्ठ नेता मेरे परिवार के एक निजी वैवाहिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रदेश भर के वरिष्ठ नेतृत्त्व ने अपने व्यस्त समय में पारिवारिक निमंत्रण स्वीकार कर कुछ समय के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। यह आयोजन पूर्णतः पारिवारिक, परंपरागत व सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के अनुरूप था।
    मुख्यमंत्री द्वारा इस निजी कार्यक्रम को लेकर की गई टिप्पणी अत्यंत शर्मनाक, असंवेदनशील और पद की गरिमा के विपरीत है। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि किसी निजी आमंत्रण को राजनीतिक रंग देना किस संविधान, संस्कृति और राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा है?
    दूसरी ओर, मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार द्वारा 27 से 29 अप्रैल तक हरौली में आयोजित तथाकथित राज्य स्तरीय उत्सव में जनता की गाढ़ी कमाई से लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वाटरप्रूफ और एसी टेंट लगवाकर, बॉलीवुड और पंजाबी गायकों को बुलाकर, रात 12-12 बजे तक प्रदर्शन करवाकर प्रदेश को कौन-सी संस्कृति का संदेश दिया गया?
    हरौली उत्सव के दौरान एक ओर नशे के खिलाफ रोड शो का आयोजन किया गया, वहीं दूसरी ओर मंच पर वे कलाकार बुलाए गए जो खुलेआम शराब, नशा और बंदूक कल्चर को बढ़ावा देने वाले गीत गाते हैं। यह कांग्रेस सरकार की नीति और नीयत दोनों को उजागर करता है।
    इसी तरह, मेवा उत्सव में लाखों रुपये खर्च कर सांस्कृतिक संध्याएं, डॉग शो, ड्रोन शो, बेबी शो और विकास प्रदर्शनी आयोजित की गई, जब ढाई वर्षों में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ तो प्रदर्शन में दिखाया क्या गया? प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार गिरती जा रही है। वित्तीय वर्ष शुरू होते ही सरकार ने 2200 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया है और हर महीने औसतन 2000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया जा रहा है। इसके बावजूद सरकार जनता को कोई राहत नहीं दे पा रही। मुख्यमंत्री बताएं कि ऐसी स्थिति में 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाएगा?
    भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि वह ऐसी ओछी राजनीति का मुँहतोड़ जवाब देगी। कांग्रेस नेताओं को चेतावनी दी जाती है कि वे मर्यादा में रहें, निजी आयोजनों पर राजनीति करना बंद करें और जनता को उनके असली मुद्दों पर जवाब दें। हिमाचल की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका करारा जवाब मिलेगा।
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