Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जल जीवन मिशन के तहत ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित
    • जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की 28वीं बैठक आयोजित
    • प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध – संजय अवस्थी
    • ई.वी.एम. व वी.वी.पैट. के भण्डारण कक्ष का निरीक्षण
    • एसआइआर के विरोध में नाहन में कांग्रेस का प्रदर्शन, डीसी दफ्तर के बाहर फूंका पुतला
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, September 30
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»सिरमौर में इस बार पैदा हुआ 22500 मीट्रिक टन कुफरी ज्योति आलू, बनी तूफानी मांग
    सिरमौर

    सिरमौर में इस बार पैदा हुआ 22500 मीट्रिक टन कुफरी ज्योति आलू, बनी तूफानी मांग

    By Himachal VartaJune 6, 2025
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़)(एसपी जैरथ):- प्रदेश में आलू उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर रहने वाले जिला सिरमौर ने इस बार 22500 मीट्रिक टन आलू का रिकॉर्ड उत्पादन किया है। सिरमौर में आलू दो अलग-अलग सीजन में उगाया जाता है — ऊपरी सिरमौर (जैसे शिलाई, हरिपुरधार क्षेत्र) में जनवरी-फरवरी में बोई गई फसल जून तक तैयार होती है, जबकि निचले सिरमौर (नाहन व पांवटा साहिब ब्लॉक) में सितंबर में बोई गई फसल फरवरी-मार्च तक पककर तैयार होती है।

    सिरमौर के किसानों द्वारा उगाई गई ‘कुफरी ज्योति’ किस्म का आलू अपने आफ सीजन में तैयार होने के कारण देश की बड़ी मंडियों में खूब पसंद किया जाता है। जब अन्य राज्यों में आलू की फसल समाप्त हो जाती है, तब सिरमौर का ताजा आलू बाजार में पहुंचता है, जिससे इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है

    जिला में कुल 1500 हेक्टेयर भूमि में आलू उगाया जाता है, जिसमें से लगभग 1150 हेक्टेयर ऊपरी सिरमौर और 350 हेक्टेयर निचले क्षेत्रों में शामिल हैं। हरिपुरधार क्षेत्र में डांकरी किस्म का विशेष आलू भी उगाया जाता है, जिसकी मांग सबसे ज्यादा और कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक रहती है।  प्रदेश सरकार द्वारा ‘कुफरी ज्योति’ और ‘एलपीएस’ किस्म का आलू बीज 25 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाता है। कृषि विभाग ने इस बार 1600 क्विंटल बीज किसानों को रियायती दर पर दिया। सिरमौर में आलू की खेती किसानों के लिए आजीविका का मजबूत जरिया बनती जा रही है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जल जीवन मिशन के तहत ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित
    • जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की 28वीं बैठक आयोजित
    • प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध – संजय अवस्थी
    • ई.वी.एम. व वी.वी.पैट. के भण्डारण कक्ष का निरीक्षण
    • एसआइआर के विरोध में नाहन में कांग्रेस का प्रदर्शन, डीसी दफ्तर के बाहर फूंका पुतला
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.