Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    • वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत नेचर पार्क अंबवाला में कार्यक्रम आयोजित
    • राज्यपाल ने माधव सृष्टि परिसर, सोलन में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण किया
    • नाहन व आसपास के क्षेत्रों में 05 अक्टूबर को बिजली सुबह 09 बजे से शाम 06 बजे तक बंद रहेगी
    • नेई-नेटी स्कूल में विद्यार्थियों को आसरा संस्था ने दिया लोक नृत्य का प्रशिक्षण
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, October 2
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से चैतन्य डीम्ड यूनिवर्सिटी, तेलंगाना का उद्घाटन किया
    हिमाचल प्रदेश

    राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से चैतन्य डीम्ड यूनिवर्सिटी, तेलंगाना का उद्घाटन किया

    By Himachal VartaSeptember 3, 2020
    Facebook WhatsApp
    शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज राजभवन से वर्चुअल माध्यम से चैतन्य डीम्ड यूनिवर्सिटी, तेलंगाना का उद्घाटन किया।
    इस अवसर पर उन्होंने चैतन्य विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल करने पर बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2010 के पश्चात् केवल चार संस्थानों को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा यह दर्जा प्रदान किया गया है, जिनमें चैतन्य भी एक है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही गुणात्मक शिक्षा का पता विद्यार्थियों द्वारा सभी पाठ्यक्रमों के प्रति रूझान तथा परिसर में की गईं नियुक्तियों से चलता है। यह संस्थान परिसर नियुक्तियों के मामले में पूरे भारतवर्ष में 31वें स्थान पर है।
    श्री दत्तात्रेय ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 लाखों बुद्धिजीवियों के परामर्श, विभिन्न बैठकों और सेमिनारों के आयोजन और सुझाव प्राप्त करने के पश्चात् बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन दशकों से शिक्षा नीति में बड़े बदलाव नहीं किए गए थे। यह 21वीं सदी के प्रथम शिक्षा नीति है, जिसमें देश के विभिन्न विकासात्मक बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक शिक्षा संरचना के सभी पहलुओं पर आधारित एक विस्तृत दस्तावेज है जिसमें 21वीं सदी के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों वाली एक नई प्रणाली विकसित करने पर बल दिया गया है।
    राज्यपाल ने कहा कि जिस समय विश्व में लोगों को उच्च शिक्षा की कोई जानकारी नहीं थी, उस समय प्राचीन भारत में तक्षशिला, नालन्दा, विक्रमशिला व वल्लबी जैसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय और आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, माधव, चरक, सुश्रुत व पतंजलि जैसे विख्यात विद्वान हुए।
    राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के समग्र कार्यान्वयन से हम निश्चित रूप से व्यावसायिक व गैर-व्यावसायिक क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता, देश और विदेश में रोजगार के अवसरों का उपयोग करने के लिए विद्यार्थियों के ज्ञान व कौशल में वृद्धि करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘सभी के लिए शिक्षा’ के मुख्य उद्देश्य को पूरा किया जाएगा। उन्होंने सन्तोष व्यक्त किया कि चैतन्य विश्वविद्यालय पहले से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में सुझाए गए कार्यक्रमों का कार्यान्वयन कर रहा है।
    चैतन्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डाॅ. सीएच वी. पुरूषोतम रेड्डी ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि यह चैतन्य देश का पहला विश्वविद्यालय है जिसने स्नातक व स्नातकोत्तर की अन्तिम वर्ष की परीक्षाएं और यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘ऐट होम एग्जाम’ के माध्यम से पीएचडी पात्रता परीक्षाएं करवाई हैं।
    कुलपति प्रो. जी. दामोदर ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उद्घाटन समारोह अप्रैल में आयोजित होना था, परन्तु कोरोना महामारी के कारण इस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।
    रजिस्टार प्रो. एम. रविन्द्र, विश्वभारती शिक्षा संस्थान के सदस्य, प्रबन्धन बोर्ड के सदस्य, डीन्ज, विश्वविद्यालय के अध्यापकगण, विद्यार्थी और उनके अभिभावक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस समारोह में शामिल हुए।
    राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर शिमला में उपस्थित थे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    • वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत नेचर पार्क अंबवाला में कार्यक्रम आयोजित
    • राज्यपाल ने माधव सृष्टि परिसर, सोलन में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण किया
    • नाहन व आसपास के क्षेत्रों में 05 अक्टूबर को बिजली सुबह 09 बजे से शाम 06 बजे तक बंद रहेगी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.