नाहन (हिमाचलवार्ता)। जिला सिरमौर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निकटतम अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों से अब पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की पूछताछ नहीं की जाएगीं और उन्हें तुरंत जाने की अनुमति दे दी जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डॉ. आर.के.परूथी ने दी।
उन्हाेंने बताया कि मुसीबत में मदद करने वाला व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) किसी सिविल या आपराधिक दायित्व के लिए उत्तरदायी नहीं होगा और न ही व्यक्ति से किसी प्रकार की पूछताछ की जाएगी, केवल प्रत्यक्षदर्शी व्यक्ति को पुलिस द्वारा पता बताने के बाद जाने दिया जायेगा।
उन्हांेने बताया कि कोई बाईस्टेंडर या गुड सेमेरिटन जो सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति कि सूचना पुलिस को देगा अथवा आपातकालीन सेवाओं हेतु फोन कॉल करता है, उसे फोन पर अथवा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना नाम और व्यक्तिगत विवरण देने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक अधिकारी सोना चौहान ने बताया कि राज्य सरकार सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें उचित इनाम देकर नवाजेगी।
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Friday, October 2
