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    Home»चण्डीगढ़»हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में स्थित ऐतिहासिक स्मारकों और विरासत की जानकारी से युक्त पुस्तक प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर बच्चे को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जा सके
    चण्डीगढ़

    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में स्थित ऐतिहासिक स्मारकों और विरासत की जानकारी से युक्त पुस्तक प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर बच्चे को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जा सके

    By Himachal VartaDecember 31, 2020
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    चंडीगढ़ (हिमाचलवार्ता)। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में स्थित ऐतिहासिक स्मारकों और विरासत की जानकारी से युक्त पुस्तक प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर बच्चे को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जा सके।

    मुख्यमंत्री पंचकूला में बनने वाले राज्यस्तरीय संग्रहालय के सम्बंध में यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जानकारी बच्चों तक पहुंचाने के लिए हर स्कूल में ‘ऐतिहासिक स्मारक कोना’ (हैरिटेज कॉर्नर) बनाने का कदम कारगर साबित होगा। इस स्मारक कोने में जहां राज्य के गौरवशाली इतिहास का विवरण अंकित होगा, वहीं ऐतिहासिक स्मारकों की जानकारी भी होगी। हर जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों और पुरातत्व विभाग की संग्रहित वस्तुओं की जानकारी जिले के हर स्कूल में होगी। प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों से सम्बंधित जानकारी प्रदेश के हर स्कूल में होगी। शुरू में 100 स्कूलों में ये कॉर्नर बनाये जाएंगे। बाद में प्रदेश के सभी स्कूलों में ये कॉर्नर स्थापित किये जाएंगे। हर स्कूल में ऐतिहासिक वस्तुओं के प्रारूप बनाकर रखे जाएंगे।

    स्कूली सिलेबस में ऐतिहासिक जानकारी को जोडऩे की दिशा में भी विभाग कार्य कर रहा है। जल्द ही स्कूली सिलेबस में इस सम्बंध में चैप्टर जोड़ दिया जाएगा। इस सम्बंध में इतिहास सम्बन्धी शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे विद्यार्थियों को सही जानकारी दे पाएं।

    बैठक में पुरातत्व एवं संग्रहालय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अनूप धानक, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी, पुरातत्व विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर अशोक खेमका, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव आशिमा बराड़, पुरातत्व विभाग की निदेशक मनदीप कौर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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