शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज)नेशनल फार्मास्युटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने 19 आवश्यक दवाइयों की खुदरा कीमत तय कर दी है। इनमें कैंसर ,हाइपरटेंशन, इन्फेक्शन, दर्द और बुखार के उपचार की दवाओं सहित अन्य दवाएं शामिल है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। दवा नियामक ने कीमतों में यह संशोधन औषधि (कीमत नियंत्रण) आदेश-2013 के तहत किया है। अधिसूचना के मुताबिक, कंपनियों को इन दवाइयों पर सिर्फ जीएसटी जोडऩे की मंजूरी होगी। एनपीपीए द्वारा उपनिदेशक महावीर सैणी के हवाले से जारी अधिसूचना में 19 अनुसूचित दवाओं की कीमतों में संशोधन किया है। बता दें कि एनपीपीए औषधि आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत अनुसूची एक में शामिल आवश्यक दवाओं का अधिकतम मूल्य तय करता है। ब्रेस्ट और पेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा भी इस लिस्ट में शामिल है।इस दवा को हैट्रो व मैनकांइड फार्मा बनाती है, इस दवा की अब नई कीमत 15,817.49 प्रति वायल तय की गई है। इसके अलावा बिसोप्रोलोल यूमरेट और ए लोडिपाइन टैबलेट की कीमतों को भी घटा दिया है, गार्नियर बायोटेक और जायडस हैल्थकेयर इस दवा को बनाती है। इसके हर एक टैबलेट की कीमत 6.74 रुपए तय की गई है। इसके अलावा हाइपरटेंशन की दवा की कीमत को घटाकर 10 रुपए कर दिया है, इस दवा को प्योर एंड केयर हेल्थकेयर और सिप्ला कंपनी बनाती है। थियोन फार्मा और जेबी केमिकल की एमोक्सिसिलिन और पोटैशियम क्लैवुलैनेट टैबलेट के लिए भी अधिकतम कीम 40.03 रुपए प्रति टैबलेट तय किया है, एक तरह की एंटिबायोटिक दवा है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज में किया जाता है। एनपीपीए की अधिसूचना में कहा गया है कि अगर इन दवाइयों को तय खुदरा दाम से ज्यादा दाम पर बेचा जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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Thursday, July 23
