रेणुकाजी। बार-बार दौड़ना पड़ता है यह जानते समझते हुए भी सरकार व प्रशासन को बहुत अच्छी तरह से जानकारी है कि रेणुका जी देवभूमि भी है व पर्यटन के लिए बेहद आकर्षक स्थल है जिसकी खूबसूरत वादी को देखने वर्षभर बड़ी संख्या में सैलानी व श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है जिनमें विदेशियों की संख्या भी उत्साहजनक होती है। ऐसे में यातायात प्रबंधन कि मौजूदा व्यवस्था या कहे तामझाम व कार्यशैली में बड़े पैमाने पर व हर स्तर से सुधार और बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। वह भी प्राथमिकता के आधार पर तो अनिवार्य रूप से भी। ताकि इस क्षेत्र में हो रहे सड़क हादसों में कमी हो। जोकि अक्सर व्यवस्था में खामी से होते आ रहे हैं। यातायात संबंधी स्ट्रक्चर जितना कारगर हो मजबूत बने या बनाया जाना चाहिए अभी अनुभव कटु ही ज्यादा है। बहुत कुछ राम भरोसे चल रहा है। रेणुका जी तथा इससे जुड़े अन्य क्षेत्र जिनमें पर्यटक अधिक है सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव है। सुरक्षित सुनिश्चित सुगम आवागमन के मोटर वाहन अधिनियमों का कढ़ाई से करवाने के लिए और अधिक जोर देने की जरूरत है।
