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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»आर्थिक बदहाली के बाबजूद माननीयों को रेवाड़ी बांट रहे मुख्यमंत्री
    सिरमौर

    आर्थिक बदहाली के बाबजूद माननीयों को रेवाड़ी बांट रहे मुख्यमंत्री

    By Himachal VartaApril 1, 2025
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़)(एसपी जैरथ):- एक तरफ तो हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में आर्थिक बदहाली का रोना रो रही है। दूसरी ओर हाल ही में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायकों के वेतन में भारी भरकम बढ़ोतरी कर प्रदेश पर आर्थिक बोझ दाल दिया है। यह बात जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में समाजसेवी और एंटी टेररिस्ट फ्रंट के सदस्य नाथूराम चौहान ने कही। नाथूराम चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर करीब 1 लाख करोड़ रुपए के आसपास का कर्ज हो गया है। बावजूद इसके भी हिमाचल प्रदेश सरकार ने विधायकों के वेतन में 26% की बढ़ोतरी कर प्रदेश को आर्थिक कंगाली की ओर धकेल दिया है। नाथूराम चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधायकों के वेतन में तो 26% की बढ़ोतरी तो कर दी है , लेकिन प्रदेश में जनता की सेवा में लगे हजारों कर्मचारियों का वेतन लंबे अरसे से नहीं बढ़ाया है।
    चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब 67000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी है , जो केवल मात्र 13000 रुपए में गुजारा कर रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के विधायकों को पहले करीब ढाई लाख के आसपास मासिक वेतन मिलता था फिर भी हिमाचल के विधायक कहते हैं कि उनका ढाई लाख में गुजारा नहीं होता है। मजेदार बात तो यह है कि जब विधानसभा में मुख्यमंत्री ने विधायकों के वेतन में 26% बढ़ोतरी की घोषणा की तो एक भी विधायक ने इसका विरोध नहीं किया , बल्कि उल्टा ध्वनि मत से इस विधेयक को पारित कर दिया। नाथूराम चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही नागनाथ और सांप नाथ है। दोनों दल एक सिक्के के दो पहलू है।
    उन्होंने कहा कि जब विधायकों के अपने फायदे की बात आती है तो उस समय किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं करते हैं। यदि प्रदेश के हित की कोई बात आती है तो पक्ष और विपक्ष आपस में उलझ जाते हैं। नाथूराम चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी को इतना कम वेतन मिलता है कि उन्हें अपने परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है , लेकिन विधायकों का पेट ढाई लाख रुपए में भी नहीं भरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गत दिनों प्रदेश सरकार ने शिमला में अपने हकों के लिए प्रदर्शन कर रहे दृष्टिबाधित लोगों पर लाठियां भांजी जो शर्मनाक कृत्य हैं।
    नाथूराम चौहान ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश के 68 के 68 विधायकों को जनता आईना दिखाएं।  उन्होंने कहा कि एक तरफ को नेता कहते हैं कि वह समाज सेवा के लिए राजनीति में आए हैं , दूसरी ओर ढाई से ₹300000 वेतन में भी माननीयों को संतुष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हालत यह है कि पेंशनरों को लंबे अरसे से पेंशन नहीं मिल रही है। वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों को ओवरटाइम नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वह प्रदेश भर में इस मुद्दे को लेकर बड़ी मुहिम चलाएंगे ताकि हिमाचल प्रदेश की गरीब जनता को इन नेताओं की हकीकत पता चल सके।
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