Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कैम्पस इंटरव्यू
    • समाज के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का उत्तरदायित्व – संजय अवस्थी
    • मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता शिविर का आयोजन
    • नगर पंचायत राजगढ़ के वार्ड नंबर सात में मिला घायल बाघ
    • विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएवी पब्लिक स्कूल राजगढ़ के विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    • शिलाई विधानसभा क्षेत्र के संस्थानों से खिलवाड़ बंद करे सुक्खू सरकार : बलदेव तोमर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Saturday, June 6
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»चूड़धार में शिरगुल देवता के दर्शन को जाने वालों से अब वसूला जाएगा शुल्क
    सिरमौर

    चूड़धार में शिरगुल देवता के दर्शन को जाने वालों से अब वसूला जाएगा शुल्क

    By Himachal VartaApril 15, 2025
    Facebook WhatsApp

    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज़):- जिला सिरमौर की सबसे ऊँची चोटी चूड़धार में स्थित शिरगुल देवता के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं से अब वन विभाग द्वारा शुल्क वसूलने की योजना बनाई गई है। यह शुल्क स्थानीय, हिमाचली और बाहरी राज्यों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं पर समान रूप से लागू होगा।

    इस संदर्भ में नौहराधार में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ वन विभाग के कर्मी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभाग ने प्रस्ताव रखा कि हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालुओं से 20 रुपए, जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं से 50 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क वसूला जाएगा।

    हालांकि इस प्रस्ताव का स्थानीय लोगों ने विरोध किया और सुझाव दिया कि हिमाचल के श्रद्धालुओं से केवल 10 रुपए, जबकि बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं से 20 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाना चाहिए।

    वन विभाग का कहना है कि इस शुल्क से प्राप्त राजस्व का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने में किया जाएगा। इनमें नौहराधार से चूड़धार तक शौचालय, डस्टबिन, वर्षाशालिका (रेन शेल्टर) और अन्य संरचनाएं शामिल होंगी। साथ ही, रास्ते में पार्क जैसे विश्राम स्थल भी विकसित किए जाएंगे।

    इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं द्वारा निजी टेंट लाने की व्यवस्था को बंद किया जाएगा। इसके स्थान पर टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से अधिकृत टेंट सेवा प्रदाताओं को अनुमति दी जाएगी, जो मार्ग में टेंट स्थापित कर श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। शुल्क वसूली की जिम्मेदारी चार स्थानीय युवकों को सौंपी जाएगी।

    इनमें से दो युवक निगाली नामक स्थान पर तथा दो तीसरी नामक स्थान पर तैनात रहेंगे, जहां वे प्रवेश शुल्क वसूली और एंट्री रजिस्ट्रेशन का कार्य संभालेंगे। वन विभाग का मानना है कि यह पहल चूड़धार यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कैम्पस इंटरव्यू
    • समाज के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का उत्तरदायित्व – संजय अवस्थी
    • मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता शिविर का आयोजन
    • नगर पंचायत राजगढ़ के वार्ड नंबर सात में मिला घायल बाघ
    • विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएवी पब्लिक स्कूल राजगढ़ के विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.