नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):- गोवंश शहर सड़कों पर ,डीसी ऑफिस के सामने आज मंगलवार 12 बजे का आलम। गोवंश तो बेबस है ही, यहां तो लगता है सिस्टम कहीं ज्यादा बेबस और लाचार हो चुका है। नगर परिषद के पास सालों से कैटल पाउंड नही ,एमसी एक्ट की खुद धज्जियां उड़ा रहे हैं। नगर परिषद के कर्मचारियों जिन्हें सडकों पर घूम रहे पशु धन को पकड़ने के लिए डयूटी पर लगाया गया है उनकी मुश्किल यह कि पकड़ेगें तो लेकर कहाँ जायंगे ऐसे में इधर से पकड़े और उधर छोड़ दिये। ऐसे में नगर परिषद के चुनाव में शहर की दशा औऱ दिशा बदलने के नाम पर वोट बटोर कर जीते नगर परिषद में विकास के मसीहा बने नेता इस ज्वलंत समस्या का कब समाधान निकालेंगे. यह।देखना है।हिमाचल प्रदेश में नगर परिषद और नगर निकायों के लिए हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1994 (The Himachal Pradesh Municipal Act, 1994) लागू होता है। इस एक्ट के तहत कैटल पौंड (कांजी हाउस) और आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर निम्नलिखित प्रमुख कानूनी प्रावधान किए गए हैं:
1. कैटल पौंड और पशु क्रूरता निवारण (Cattle Pounds)अनिवार्य कार्य: इस एक्ट की अनुसूची के तहत कैटल पौंड की स्थापना करना, रखरखाव करना और पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकना नगर परिषद (Urban Local Body) का एक प्रमुख कर्तव्य है.पशुओं को पकड़ना: सड़कों पर यातायात बाधित करने वाले या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले आवारा पशुओं को जब्त कर परिषद द्वारा संचालित कैटल पौंड या कांजी हाउस भेजने का पूर्ण अधिकार एक्ट के नियमों के तहत स्थानीय निकाय के पास है. 2. मवेशियों का पंजीकरण (Registration of Cattle – धारा 150-A)हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किए गए संशोधन (H.P. Municipal Amendment Act, 2011) के तहत एक्ट में धारा 150-A जोड़ी गई है।
