Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • पांवटा साहिब के यमुना कुल्हाल पुल पर ट्रक से टकराई कार, तीन युवकों की मौत
    • भाजपा के थौला गांव के दो परिवारों ने थामा कांग्रेस का हाथ
    • हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा स्वच्छता अभियान में ग्रामीणों को किया जागरूक
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»किसानों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर नीति लागू की जाएगीः वीरेन्द्र कंवर
    हिमाचल प्रदेश

    किसानों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर नीति लागू की जाएगीः वीरेन्द्र कंवर

    By Himachal VartaDecember 16, 2020
    Facebook WhatsApp
    शिमला (हिमाचलवार्ता)। डायरेक्ट बेनिफिट टंªास्फर का उद्देश्य अनुदान राशि को लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानातंरित करना तथा सूचना के सरल और तीव्र प्रवाह के लिए मौजूदा प्रक्रिया में सुधार कर लाभार्थियों को सीधा लाभ सुनिश्चित कर डी-डुप्लीकेशन और धोखाधड़ी से बचाना है। यह बात आज यहां कृषि एवं पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कृषि और पशुपालन विभागों द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए कही।
    कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को लाभान्वित करने के लिए राज्य में जल्द ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रंास्फर नीति को लागू किया जाएगा। इससे न केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने की परिकल्पना को साकार करने में सहायता मिलेगी, बल्कि किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा योजनाओं का सीधा लाभ भी मिल सकेगा।
    उन्होंने बीज के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहने तथा प्रदेश में ही बीज तैयार करने पर भी बल लिया। इससे न केवल किसानों को उनके उत्पादों के बेहतर मूल्य उपलब्ध होंगे, बल्कि अधिक उपज के बीजों व खरपतवार और कीटनाशक दवाइयों पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के माध्यम से अनुदान प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा अब तक शंकर किस्मों के 25740 क्विंटल मक्की, धान और विभिन्न प्रकार की सब्जियों के बीज व चारा बीजों को वितरित किया गया है तथा 129000 क्ंिवटल गेहूं जौ, बरसीम, दलहन, तिलहन के बीज किसानों को उपलब्ध करवाए गए जिसमें से 40846.45 क्विंटल गेहूं का बीज प्रदेश में ही तैयार किया गया है।
    कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आॅनलाइन पारदर्शिता प्रक्रिया एवं स्वीकृति के लिए ई-पोर्टल विकसित किया जाए ताकि किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं को पैम्फ्लेट, कृषि प्रशिक्षण शिविरों व कृषक मेलों आदि के माध्यम से जागरूक किया जाए ताकि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठा सकंे। उन्होंने कहा कि किसानों को मिट्टी परीक्षण, खाद व पौध संरक्षण लाईसेंस आदि के बारे में भी जागरूक किया जाए।
    वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में किसान पारम्परिक खेती को त्याग कर नकदी फसलों को अपना रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत से पारम्परिक उत्पाद बाजारों से भी लुप्त हो गए हैं, जो चिन्ता का विषय है। इस खेती को एक बार पुनः अस्तित्व में लाने के लिए कृषि विभाग द्वारा भारतीय पारम्परिक कृषि पद्धति को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में पारम्परिक खेती योजना को लागू किया गया है जिसके अन्तर्गत गांव व खण्ड स्तर पर कृषक समूहांे का गठन किया गया है व किसानों को पारम्परिक कृषि के सम्बन्ध में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रमाणित उच्च गुणवत्ता के बीज के खरीद में 85 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित और बच्चों में खेती के मूल्यों को विकसित करना चाहिए ताकि वे कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाए और उन्हें रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े।
    इसके उपरान्त, उन्होंने गौ सेवा आयोग के कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बेसहारा गौवंश को टैग लगाए जाए और जो भी गौवंश को लगाए गए टैग के साथ छेड़छाड़ करते हैं उनके खिलाफ सजा का प्रावधान किया जाएगा।
    भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष डाॅ. सोम देव शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार संाझा किए।
    उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ भरत राम पटियाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, निदेशक कृषि डाॅ. नरेश कुमार बधन, निदेशक बागवानी जे.पी. शर्मा, निदेशक पशुपालन डाॅ. अजमेर डोगरा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • पांवटा साहिब के यमुना कुल्हाल पुल पर ट्रक से टकराई कार, तीन युवकों की मौत
    • भाजपा के थौला गांव के दो परिवारों ने थामा कांग्रेस का हाथ
    • हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा स्वच्छता अभियान में ग्रामीणों को किया जागरूक
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.