Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • पांवटा साहिब के यमुना कुल्हाल पुल पर ट्रक से टकराई कार, तीन युवकों की मौत
    • भाजपा के थौला गांव के दो परिवारों ने थामा कांग्रेस का हाथ
    • हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा स्वच्छता अभियान में ग्रामीणों को किया जागरूक
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»प्रदेश के गैरिएट्रिक डे केयर केंद्रों और संडे एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को भारत में उत्कृष्ट सेवाओं में मिला स्थान
    हिमाचल प्रदेश

    प्रदेश के गैरिएट्रिक डे केयर केंद्रों और संडे एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को भारत में उत्कृष्ट सेवाओं में मिला स्थान

    By Himachal VartaJanuary 7, 2021
    Facebook WhatsApp
    शिमला (हिमाचलवार्ता)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य मिशन डायरेक्टर डाॅ. निपुण जिंदल ने आज यहां बताया कि भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं में गुड रेेप्लिकेबल प्रेक्टिसिज और नवाचार पर वर्चुअल माध्यम से एक राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में भारत सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के दो नवाचार यानी तीन वृद्धजन देखभाल केंद्रों का संचालन और संडे क्षय रोग एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान को देशभर में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चुना गया है।
    निपुण जिंदल ने कहा कि एनएचएम ने हेल्थ एज इंडिया की सहभागिता से प्रदेश के शिमला, मंडी और धर्मशाला जिलों में तीन वृद्धजन देखभाल केंद्र खोले हैं, जिनका शुभारंभ 21 अगस्त, 2019 को अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के दौरान किया गया। ये केंद्र इन जिलों के वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खोले गये हैं।
    ये केंद्र स्वास्थ्य देखभाल, कौशल निर्माण, कानूनी सहायता और परामर्श, गतिविधि आधारित शारीरिक और मानसिक व्यस्तता और मनोरंजक गतिविधियों सहित एक ही छत के नीचे विभिन्न सेवाओं की व्यापक सुविधा प्रदान करते हैं।
    उन्होंने कहा कि नवंबर, 2020 तक इस सेवा से 25,000 से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए, जिनमें लगभग 15,000 बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्होंने फिजियोथेरेपी ली। लगभग 2,500 लोग वरिष्ठजनों की विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में जांच की गई।
    उन्होंने बताया कि राज्य में नवाचार लागू होने के बाद से, क्षय रोग के लक्षणों के लिए आशा कार्यकर्ताओं द्वारा 56,81,115 लोगों की मौखिक रूप से जांच की गई है और 12018 बलगम के नमूने एकत्रित किए गए हैं। एकत्रित किए गए बलगम के नमूनों में से 2.28 प्रतिशत लोग पाॅजिटिव पाए गए हैं।
    उन्होंने कहा कि कांगड़ा, ऊना और मंडी में बलगम की सैंपल की जांच करने और टीबी रोग के निदान में की गई पहल में अग्रणी जिले हैं।
    उन्होंने बताया कि यह गतिविधि राज्य में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उत्प्रेरक साबित हो रही है।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • पांवटा साहिब के यमुना कुल्हाल पुल पर ट्रक से टकराई कार, तीन युवकों की मौत
    • भाजपा के थौला गांव के दो परिवारों ने थामा कांग्रेस का हाथ
    • हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा स्वच्छता अभियान में ग्रामीणों को किया जागरूक
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.