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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार, लाखों का नुकसान  
    हिमाचल प्रदेश

    सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार, लाखों का नुकसान  

    By Himachal VartaJanuary 16, 2021
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    नााहन (हिमाचलवार्ता)। कोरोना संकट से उभर रहे हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के चूना पत्थर उद्योग पर अब बर्ड फ्लू की मार पड़ गई है। सिरमौर के दो दर्जन से अधिक चूना पत्थर उद्योगों में मुर्गी दाना (पोल्ट्री फार्म का चारा) तैयार किया जाता है।

    रोजाना करीब 50 ट्रक (एक हजार टन) मुर्गी दाना बाहरी राज्यों के लिए सप्लाई होता है लेकिन बाहरी राज्यों के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की दस्तक से इसकी सप्लाई में भारी कमी दर्ज की जा रही है।

    लगभग 70 फीसदी कारोबार कम हो गया है। इससे उद्योगों को रोजाना 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    चूना पत्थर उद्योगों पर कोरोना काल में आर्थिक संकट पड़ा। अब धीर-धीरे यहां का कारोबार पटरी पर लौटने लगा था लेकिन ऐन मौके पर अब बर्ड फ्लू की दस्तक से फिर आर्थिक संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं।

    जिले के सतौन, पुरूवाला, कालाअंब और रेणुका जी में लगभग दो दर्जन उद्योग मुर्गीदाना का उत्पादन करते हैं। चूना पत्थरों से निर्मित होने वाला मुर्गीदाना पोल्ट्री फार्म में चारा के रूप में प्रयोग किया जाता है। चूना पत्थर से मुर्गी का अंडा मजबूत बनता है।

    रोजाना करीब 50 ट्रक कैल्शियम युक्त मुर्गी दाना पंजाब और हरियाणा के पोल्ट्री फार्मों को सप्लाई होता है लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी सप्लाई महज छह-सात ट्रक ही रह गई है।

    उद्योगपति गगन बंसल, विनोद मल, बलविंदर सिंह आदि ने बताया कि पहले कोरोना से व्यवसाय प्रभावित हुआ था। अब बर्ड फ्लू की दस्तक से कारोबार पर असर पड़ा है। लगभग 70 प्रतिशत कारोबार लुढ़क गया है। रोजाना कारोबारियों को 15 ये 20 लाख रुपये की क्षति उठानी पड़ रही है।

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