
नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (लक्ष्य शर्मा):- विश्व मानव अधिकार दिवस के अवसर पर मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था ने बच्चों को जागरूक किया। खुशियों के बैंक माजरा में मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के द्वारा अनेक कार्यक्रम किए गए। संस्था के संचालक पुष्पा खंडूजा व अनुराग गुप्ता ने मानवाधिकार दिवस के महत्व एवं इसको मनाने के उद्देश्य के बारे में विद्यार्थियों को बताया।इस अवसर पर छात्रों द्वारा लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से बालिका शिक्षा पर बल दिया गया। खुशियों के बैंक में आने वाले छात्रों ने मानव अधिकार विषय पर पोस्टर बनाएं। खुशियों के बैंक माजरा के संचालक पुष्पा खंडूजा ने बताया कि प्रत्येक मानव के पास कुछ विशेष अधिकार हैं, जो विश्व को एक सूत्र में बांधते हैं । हर मानव की रक्षा करते हैं।उन्होंने कहा कि किसी के साथ कोई भेदभाव न हो, सब शांति से व खुशी से रहें, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के कुछ विशेष अधिकार हैं। इसी में देश की प्रगति है। शिक्षा का अधिकार भी एक मानवाधिकार है, लेकिन अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्य को भी ध्यान में रखते हुए राष्ट्रहित के लिए कार्य करना हमारी जिम्मेदारी है। संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने साल 1950 में 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था। मानवाधिकार में लोगों के मौलिक अधिकारों का संरक्षण सम्मिलित है और ये स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ये वो अधिकार है जिनसे किसी भी व्यक्ति को धर्म, जाति, लिंग, नस्ल भाषा, क्षेत्र, राष्ट्रीयता के आधार पर वंचित या भेदभावन हीं किया जा सकता। प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी पक्षपात के इन अधिकारों को प्राप्त करना और एक बेहतर जीवन स्तर मिलना चाहिए। इससे व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास होता है और जब व्यक्ति का विकास होता है तो समाज और राष्ट्र भी उन्नति करता है।