नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (लक्ष्य शर्मा):- राजगढ़ शहर में सड़क के किनारे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने पर शीघ्र ही पीला पंजा चलने वाला है। जिसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के किनारे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले 59 भवन मालिकों को नोटिस भी जारी कर दिए गए है । जिसमें सरकारी भूमि को खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है । जिसकी पुष्टि सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग राजगढ़ डीके कौंडल ने की है । उन्होने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय हिप्र के आदेशों की अनुपालना में सड़क के किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को खाली करवाने बारे कार्यवाही अमल में लाई जा रही है जिसमें अतिक्रमण करने वाले भवनों को चिन्हित कर दिया गया है । इनका कहना है कि सड़क के किनारे अतिक्रमण का सिलसिला बीते दस वर्षों से चल रहा है परंतु भवन मालिकों द्वारा बिना किसी भय से बहुमंजिला इमारते सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करके निर्मित की जा रही है । सहायक अभियंता ने बताया कि प्रथम दृष्टया में केवल 59 अतिक्रमण के मामले विभाग के ध्यान में आए है । विभाग द्वारा पूरे शहर की निशानदेही राजस्व विभाग से करवाई जा रही है जिससे प्रतीत होता है कि अतिक्रमण के मामलों में वृद्वि होना निश्चित है । दूसरी ओर लोगों ने निशानदेही पर भी सवाल उठाए है । राजस्व विशेषज्ञों का कहना है कि एक पार्टी द्वारा करवाई जा रही निशानदेही मान्य नहीं होती है । निशानदेही करते वक्त दूसरी पार्टी के रूप में सड़क के किनारे भवन मालिकों को समन करना जरूरी है जोकि लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया है । शहर के कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ अतिक्रमण धारकों को बचाने के लिए विभाग द्वारा निशानदेही की दिशा ही बदल दी गई है । बता दें कि जिन भवन मालिकों ने सरकारी एक्वायड़ विड्थ के अलावा अपनी चार मीटर भूमि कंट्रोल विड्थ छोड़ी है उनको भी एक तरफा निशानदेही करके मुसीबत में डाला जा रहा है बुद्धिजीवी वर्ग ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए है । इनका कहना है कि नगर पंचायत द्वारा जिन भवन मालिकों द्वारा चार मीटर कंट्रोल विड्थ नहीं छोड़ी गई है उन्हें भी एनओसी जारी की जा रही है । नगर पंचायत ने कभी भी सड़क पर निर्मित किए जा रहे भवनों का निरिक्षण नहीं किया और यह भी कभी सुनिश्चित नहीं किया कि भवन निर्माताओं द्वारा कंट्रोल विड्थ भी छोड़ी गई है अथवा नहीं । बता दें राजगढ़ शहर में वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत सड़क के किनारे ऐसे भवन बने है जिन भवन मालिकों द्वारा कंट्रोल विड्थ नहीं छोड़ी गई है बल्कि एक्वायड़ विड्थ पर भी अतिक्रमण किया गया है । शहर के प्रभावित भवन मालिकों की सरकार से गुहार है कि निष्पक्ष निशानदेही करवाई जाए तथा निशानदेही करते समय दोनों पार्टियों और नगर पंचायत को भी शामिल किया जाए ताकि जिन लोगों ने पूरे टीसीपी एक्ट के मुताबिक मकान बनाए गए है उन पर कोई आंच न आएं क्योंकि गलत निशानदेही के कारण कुछ भवन मालिकों को लोक निर्माण द्वारा बेवजह परेशानी पैदा कर दी है ।
Breakng
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- अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को पक्का टैंक नाहन में लगेगा योग शिविर
- 10 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित
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Wednesday, June 10