Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    • 21 व 22 जुलाई को सिरमौर जिला के लिए रेड अलर्ट जारी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, July 21
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»मंडी»भूस्खलन होने से खतरे की जद में आए दस घरों को प्रशासन द्वारा खाली करवाया गया।
    मंडी

    भूस्खलन होने से खतरे की जद में आए दस घरों को प्रशासन द्वारा खाली करवाया गया।

    By Himachal VartaJuly 25, 2023
    Facebook WhatsApp

    मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )       हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की सेगली पंचायत खतरे की जद में आ गई है। यहां बागी खड्ड के दोनों किनारों पर तीन किलोमीटर तक भूस्खलन हो रहा है। संभावित खतरे को भांप प्रशासन ने 10 घर खाली करवा लोगों को सुरक्षित स्थानोें पर भेज दिया है।भूस्खलन का मलबा थोड़ी सी वर्षा में यहां कहर बरपा सकता है। मलबे से बागीनाला पुल के नीचे का हिस्सा पूरी तरह से भर गया है। इससे पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। पिछले दिनों बादल फटने से पुल की नींव पहले ही खोखली हो चुकी है। वहीं लंबाडाल हेलीपैड के समीप पहाड़ी में डेढ़ किलोमीटर के दायरें में कई दरारें आ गई हैं। दरारों का आकार लगातार बढ़ रहा है।गति ऐसी ही रही तो पूरी पहाड़ी दरक सकती है। दरारें मंडी पराशर मार्ग से 20 फुट की दूरी तक पहुंच चुकी है। मार्ग के भूस्खलन की चपेट में आने की संभावना प्रबल हो गई है। यहां से ऐतिहासिक पराशर झील और मंदिर करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। फिलहाल मंदिर और झील को कोई खतरा नहीं है। पहाड़ अगर तेजी से दरकता रहा तो झील और मंदिर संकट में आ सकता है।पहाड़ी पर दरारें पड़ने की गति बढ़ने से स्थानीय लोग बुरी तरह से सहमें हुए हैं। सेगली पंचायत में पिछले साल भी बादल फटने से आई बाढ़ से बागीनाला के तेज बहाव में नौ लोगों के बहने से मौत हो गई थी। पिछले दिनों बादल फटने की घटना हुई थी। इससे सेगली स्कूल के चार कमरे बह गए थे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.