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    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»कर्मचारियों पर ढीली पड़ती पकड़ के मद्देनजर सरकार ने बदलाव किया है।
    शिमला

    कर्मचारियों पर ढीली पड़ती पकड़ के मद्देनजर सरकार ने बदलाव किया है।

    By Himachal VartaAugust 1, 2023
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    शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ )  अब विभागीय अधिकारियों को फेडरेशन के पदाधिकारी के तबादले से पहले मुख्य सचिव की संस्तुति नहीं लेनी होगी। प्रदेश में एनजीओ फेडरेशन के कमजोर होते वजूद व कर्मचारियों पर ढीली पड़ती पकड़ के मद्देनजर सरकार ने बदलाव किया है। प्रदेश में एनजीओ फेडरेशन कर्मचारियों का ताकतवर संगठन रहा है। कर्मचारियों की फेडरेशन पर पकड़ को देखते हुए 1981 में सरकार ने पदाधिकारियों के तबादलों को लेकर मुख्य सचिव से संस्तुति लेना अनिवार्य किया था। इसकी वजह पदाधिकारियों व फेडरेशन की कर्मचारियों में मजबूत पकड़ मानी जा रही है, मगर करीब ढाई दशक में राज्य में कर्मचारी फेडरेशन लगातार कमजोर पड़ती गई। न सिर्फ महासंघ कई गुटों में बंट गया, बल्कि इससे अलग हुए एक धड़े ने तो कर्मचारी परिसंघ का भी गठन किया था। प्रदेश में बीते दो दशकों में महासंघ के धड़ों में मान्यता को लेकर विवाद चलता रहा। पूर्व जयराम व इससे पहले स्वयं वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में भी महासंघ की धड़ेबाजी पूरी तरह से उजागर हुई। कर्मचारी महासंघ की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) के निर्णय लागू ही नहीं हो सके। जाहिर है कि सरकारों को आभास हो गया था कि फेडरेशन की कर्मचारियों में पकड़ कमजोर हो गई है।

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