शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) शिमला राज्य में अवैध खनन और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही नदियों से रेत, बजरी, पत्थर निकालने की तैयारी करने जा रही है, जिनका प्रयोग फोरलेन, एनएच सहित सड़कों आदि में किया जाएगा, जबकि नदी-नालों के किनारे 100 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर पाबंदी लगाई जाएगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों ने भी नदी-नालों के किनारे अंधाधुंध निर्माण किया और चाहे ब्यास नदी हो चाहे रावी हो, जहां पर नदी-नालों किनारे लोगों ने ज्यादा अतिक्रमण किया है, वहां पर नुक्सान अधिक हुआ है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हिमाचल के दौरे के दौरान हाई पावर कमेटी बनाने को लेकर उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी व रुड़की सहित खनन विभाग की टीम हिमाचल के नदी-नालों का दौरा करेगी और रेत-बजरी आदि निकालने को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने भी नदी-नालों के किनारे 100 मीटर दायरे में व्यावसायिक व अन्य निर्माण व गतिविधियों को बैन करने के लिए कहा है और जल्द ही सरकार इस पर अपना निर्णय लेगी।
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Monday, October 5
