शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) प्रदेश सरकार खनन नीति में बदलाव कर राजस्व बढ़ाने के प्रयास में है। सरकार की कोशिश है कि खनन गतिविधियों से प्राप्त होने वाले राजस्व को 250 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ किया जाए। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग अवैध खनन पर ड्रोन से नजर रखेगा। वहीं, सूर्यास्त के बाद जेसीबी के साथ भारी खनन उपकरणों से खनन पर रोक रहेगी।सचिवालय में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि सरकार के खजाने में खनन राजस्व के तौर पर सालाना 250 करोड़ की रकम आती है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खजाने में खनन राजस्व के तौर पर 80 करोड़ की रकम आई है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 350 करोड़ का खनन राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य है।उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष खनन गतिविधियों से प्राप्त होने वाले राजस्व को बढ़ाकर 500 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए खनन नीति में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
उद्योग मंत्री ने बताया कि भारी बरसात से प्रदेश में उद्योग विभाग को 300 करोड़ का नुकसान हुआ है। बद्दी-नालागढ़ में ज्यादा नुकसान सड़कों और पुलों को क्षतिग्रस्त होने से हुआ है।
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Thursday, July 23
