Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, July 23
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»टीचरों की कमी को दूर करने के लिए प्राइमरी एजुकेशन में रिटायर टीचर्स को रखने के लिए स्कीम बन रही है।
    शिमला

    टीचरों की कमी को दूर करने के लिए प्राइमरी एजुकेशन में रिटायर टीचर्स को रखने के लिए स्कीम बन रही है।

    By Himachal VartaSeptember 13, 2023
    Facebook WhatsApp

    शिमला ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ )  हिमाचल में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार आने वाले दिनों में बड़े फैसले लेने जा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एक हफ्ते के भीतर विभाग की दूसरी समीक्षा बैठक बुलाई है। 14 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक से ठीक पहले यह समीक्षा बैठक बुधवार को दिनभर चलेगी। इसमें प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाने और सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या और कम करने पर फोकस होगा। वर्तमान में 11000 प्राइमरी स्कूल सरकारी सेक्टर में चल रहे हैं और उनके लिए 22000 प्राइमरी टीचर मौजूद हैं, लेकिन कई स्कूलों में ज्यादा शिक्षक होने के कारण 3000 से ज्यादा स्कूल सिंगल टीचर के हैं। इसलिए शिक्षा मंत्री चाहते हैं कि प्राइमरी एजुकेशन में शिक्षा के पूरे ढांचे की रि-स्ट्रक्चरिंग की जाए। इसके लिए स्कूलों को मर्ज किया जा सकता है। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्राइमरी एजुकेशन में रिटायर टीचर्स को रखने के लिए भी एक स्कीम बन रही है। इसमें फिक्स सैलरी के आधार पर टीचर को पेंशन के साथ स्कूल में नियुक्त किया जाएगा।

    हालांकि इस स्कीम पर पहले कैबिनेट में सहमति बनना जरूरी है। राज्य सरकार अवार्ड प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए ऐसी स्कीम पहले ही ला चुकी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि टीचर्स की कमी को दूर करने के लिए रिटायर शिक्षकों की सेवाएं लेने का एक आइडिया विभाग में चर्चा के दौरान आया है। राज्य सरकार कोई बैक डोर एंट्री जैसा फॉर्मेट नहीं अपनाना चाहती। पूर्व के अनुभव भी यह बताते हैं कि आउटसोर्स पर लगाए जाने वाले टीचर्स को भी बाद में हटाया नहीं जा सकता। इससे पहले भी शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव के पद पर राकेश कंवर की नियुक्ति होने के बाद पूरा दिन बैठक की थी। इस बैठक के बाद भी 6 बिंदुओं पर विभाग में अलग-अलग नोडल अफसर तैनात करने की तैयारी चल रही है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.