शिमला ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ ) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से 11 प्रकार की बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए टीका लगवाया जा रहा है। यह अभियान का दूसरा चरण 11 सितंबर से शुरू हो गया और 16 सितंबर तक चलेगा। भारत सरकार ने नियमित टीका कारण को मजबूत करने के लिए दिसंबर, 2014 से मिशन इंद्रधनुष शुरू किया है। मिशन का लक्ष्य उन सभी बच्चों का टीका करना हैं, जिन बच्चों को या तो टीका नहीं लगा है या फिर जिन्हें टीके से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के खिलाफ आंशिक रूप से टीका लगाया जा रहा है। इनमें 11 प्रकार की बीमारियां है। पोलियो, काली खांसी, डिप्थीरिया, खसरा, रूबेला, बचपन के तपेदिक का गंभीर रूप, रोटा वायरस, डायरिया, हेपेटाइटिस बी, मेनिन जाइटिस, हेमोफिस इनफ्लुएंजा टाइबी और न्यूमोकोकलनिमोनिया के कारण होने वाला निमोनिया शमिल है।इन बीमारियों की रोकथाम को भारत सरकार द्वारा इंद्रधनुष कार्यकम्र चयनित एक या दो जिलों में चलाया जाता था। इसका पहला चरण 7 से 12 अगस्त के बीच पूरा हो गया है। दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर तक चलेगा। वहीं तीसरा चरण 9 से 14 अक्तूबर तक चलेगा। पहला चरण डिजिटल प्लेटफॉर्म यू-विनऐप के माध्यम से लागू किया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश में सभी प्रसव केंन्दों और टीकाकरण स्थलों पर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए सभी टीकाकरणों को य-ूविन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रिकॉर्ड किया गया है।
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Sunday, October 4
