Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, July 22
    Himachal Varta
    Home»स्वास्थ्य»गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए माता बाला सुंदरी गौशाला में एक दिवसीय कार्यशाला 
    स्वास्थ्य

    गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए माता बाला सुंदरी गौशाला में एक दिवसीय कार्यशाला 

    By Himachal VartaMarch 18, 2021
    Facebook WhatsApp

    गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए माता बाला सुंदरी गौशाला में एक दिवसीय कार्यशाला 

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। जिला सिरमौर के नाहन स्थित माता बाला सुंदरी गौशाला में आज गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए  उपायुक्त सिरमौर डॉ. आर. के. परूथी की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिला के सभी गौशालाओं के समन्वयकों ने भाग लिया।

     

     डॉ. परूथी ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गाय के गोबर व गोमूत्र से बने मूल्यवान पदार्थों को बेचकर गौ सदनों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि गाय के गोबर व गोमूत्र के मिश्रण से धूप, हवन सामग्री व फोन में लगाए जाने वाले एंटी रेडिएशन चिप बनती है जिसका बाजार में अच्छा मूल्य प्राप्त हो रहा है।

     

    आगामी दिनों में सभी गौ समन्वयकों को इन पदार्थों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इन वस्तुओं को बनाने के लिए जोड़ा जाएगा।

     

    उन्होंने बताया कि सड़कों पर आवारा पशुओं की तादात दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिससे आय दिन सड़कों पर दुर्घटना हो रही है। उन्हांेने बताया कि गाय के गोबर व गौ मूत्र से बने पदार्थों के अच्छे दाम मिलने पर लोग अपने पशुओं को आवारा नहीं छोडेगें।


    इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता वैद्य राजेश कपूर ने गाय के गोबर व गोमूत्र से बनने वाले पदार्थों जैसे गौ मूत्र अर्क, पंचगव्य, उबटन, हवन सामग्री, धूप, साबुन, केश तेल, चटाई आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सभी पदार्थ देसी नस्ल की गाय के गोबर व गौ मूत्र के मिश्रण से बनी होनी चाहिए।

     

    उन्होंने लोगों को देसी गाय पालने का संदेश देते हुए बताया कि देसी गाय के गोबर व गौ मूत्र से बनी खाद कृषि भूमि की उर्वकता बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि गाय के गोबर व गोमूत्र से बने पदार्थों जैसे गौमूत्र अर्क के इस्तेमाल से कई गम्भीर रोग ठीक हो सकते हैं और गाय के गोबर व गोमूत्र से बनी चटाई पर पैर रख कर बैठने से बीपी व शुगर की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए लाभदायक है।

     

    इसके अतिरिक्त गाय के गोबर व गोमूत्र से कई प्रकार के कॉस्मेटिक भी बनाए जा सकते है और खाना बनाने के लिए ईंधन के रूप में भी गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता है। इस अवसर पर उप निदेशक पशुपालन डॉ. नीरू शबनम, एसपीसीए कोषाध्यक्ष आरपी बंसल, तकनीकी सदस्य सतीश राणा, कार्यकारी सदस्य सुनील गौड भी उपस्थित रहे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.