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    हिमाचल प्रदेश

    युवक ने सड़क किनारे घायल लंगूर की बचाई जान

    By Himachal VartaMay 24, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। बेज़ुबान पशु कोई चीज़ नहीं है बल्कि जीवित जीव है जो हमारी करुणा, सम्मान, दोस्ती और समर्थन के योग्य है। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े बेज़ुबान लंगूर को एक नया जीवन देकर शिलाई के युवक ने इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।

    नागरिक उपमंडल शिलाई के गंगटोली गाँव के रहने वाले कपिल देव पशु पालन विभाग में बतौर फार्मासिस्ट अपनी सेवाए दे रहे है। कुछ रोज़ पहले उन्हें सड़क किनारे पड़े हुए 2 लंगूर दिखाई दिए… पास जाकर जब देखा तो एक मादा लंगूर और उसका बच्चा काफ़ी ज़्यादा ज़ख़्मी हालत में थे।

    मादा लंगूर की साँसे चल रही थी जबकि उसके बच्चे की मौत हो चुकी थी। कपिल ने बिना देर किए सड़क किनारे ही मादा लंगूर को प्राथमिक उपचार देकर गाड़ी में डालकर अपने घर पर लाया और वहीं उसके ईलाज का काम चलाए रखा।

    हादसे के बाद से लगातार 3-4 दिनों तक अचेत अवस्था में पड़े लंगूर की हालत में अब काफ़ी सुधार देखने को मिला है… मादा लंगूर और उसके मृत बच्चे के सिर पर लगे गहरी चोट के निशान से इस बात का अंदाज़ा भी आसानी से लगाया जा सकता है की उनकी ये हालात किसी कार या ट्रक की टक्कर से हुई है।

    शिलाई के कपिल ने एक बेज़ुबान को जीवनदान देकर इंसानियत के नाम पर एक बेहतरीन मिसाल पेश है। समाज के उस वर्ग को भी कपिल जैसे युवकों से सबक़ लेने की ज़रूरत है जो वाहन चलाते समय ये भूल जाते है की उनकी गाड़ी के लिए बनाई गई सड़क पर पहला हक़ बेज़ुबान जानवरों का है। जिन्हें जंगल में घर और सड़कें बनाकर हम इंसानों ने बेघर कर दिया है।

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