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    Home»हिमाचल प्रदेश»पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि कोरोना महामारी के दौरान निभा रहे अहम भूमिका
    हिमाचल प्रदेश

    पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि कोरोना महामारी के दौरान निभा रहे अहम भूमिका

    By Himachal VartaMay 12, 2020
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    देश के अन्य हिस्सों से अपने क्षेत्रों में पहुंचने वाले लोगों पर नजर रखे पंचायत प्रधान
    शिमला। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां जिला हमीरपुर और ऊना के जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और विभिन्न ग्राम पंचायत प्रधानों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंंिसग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में वायरस के चक्र को तोड़ने में आईसोलेशन, सामाजिक दूरी के प्रति लोगों को जागरूक करने में पंचायत प्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहेे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लगभग एक लाख हिमाचलवासी राज्य में वापिस आए हैं और अगले कुछ दिनों में लगभग 55 हजार और लोगों के वापस आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग रेड और आॅरेंज जोन से आ रहे हैं। इसलिए यह जरूरी है कि उचित स्वास्थ्य जांच हो और उन्हें क्वारन्टीन में रखा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए ‘निगाह कार्यक्रम’ शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कोरोना संक्रमण से बचने के लिए उचित प्रोटोकाॅल अपनाने के लिए राज्य के लोगों को जागरूक करना है।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रधानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे देश के अन्य हिस्सों से अपने क्षेत्रों में पहुंचने वाले लोगों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाना चाहिए कि प्रधान, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता बाहर से आने वाले लोगों के पहुंचने से पहले उनके घर पहुंचे, ताकि ऐसे लोगों के परिवार के सदस्यों को परिवार के मध्य भी सामाजिक दूरी रखने के बारे भी जागरूक किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रधान भी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवाने के अलावा फेस मास्क और फेस कवर भी वितरित कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानों से किसी भी बीमारी के प्रभाव से बचने के लिए अपनी पंचायतों में सफाई की उचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों को इस बीमारी से जुड़ी सामाजिक बुराई के प्रति भी शिक्षित करना चाहिए।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत और गतिशील नेतृत्व के कारण कोविड-19 महामारी अन्य विकसित देशों के मुकाबले देश में कम है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से सामूहिक रूप से कोरोना महामारी से लड़ने, उचित देखभाल और सावधानी बरतते हुए महामारी के साथ ही जीवन जीने की कोशिश करने का आग्रह किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पंचायत प्रधानों को उन परिवार के सदस्यों की मदद करनी चाहिए, जिनके पास सीमित आवास सुविधा हैं। ऐसे लोगों को सामुदायिक केंद्रों, पंचायत घर और महिला मंडल भवनों इत्यादि में आईसोलेशन के लिए अलग-अलग आवास सुविधाएं प्रदान करवाएं, ताकि उचित सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि होम क्वारंनटीन में रखे लोगों पर नजर रखी जानी चाहिए ताकि वे होम क्वारंटीन का उल्लंघन न करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो जिला प्रशासन के समक्ष मामला लाया जाना चाहिए ताकि उसे संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा सके।

    जय राम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी अपने-अपने पंचायतों में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को शुरू करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत काम में तेजी लाई जानी चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि उचित सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जाए।

    ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कोविड -19 महामारी के दृष्टिगत पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद किया।

    हमीरपुर जिला के बिझड़ी खण्ड की ग्राम पंचायत जाम्बली के प्रधान सतीश सोनी, बमसन खण्ड के कक्कड़ ग्राम पंचायत की प्रधान ज्योति ठाकुर, ग्राम पंचायत अणु के प्रधान सुन्दर धीमान, ऊना जिला के अंब खण्ड की अंब टिक्का ग्राम पंचायत प्रधान दर्शन सिंह और ऊना जिला के ही अम्ब खण्ड की ग्राम पंचायत लारोली के प्रधान ने भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान अपने विचार सांझा किए।

    निदेशक ग्रामीण विकास और पंचायती राज ललित जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग का संचालन किया।

    मुख्य सचिव अनिल खाची, सचिव ग्रामीण विकास डाॅ. आर.एन. बत्ता और निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क हरबंस ब्रसकोन भी बैठक में उपस्थित थे।

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