Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को पक्का टैंक नाहन में लगेगा योग शिविर
    • 10 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”
    • आयुर्वेदिक अस्पताल के गेट पर फंदे से लटका मिला सब्जी विक्रेता का शव, क्षेत्र में सनसनी
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, June 8
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला में आयोजित हुई पारंपरिक बुड़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता*
    सिरमौर

    अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला में आयोजित हुई पारंपरिक बुड़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता*

    By Himachal VartaNovember 7, 2022
    Facebook WhatsApp
    श्रीरेणुका जी (हिमाचल वार्ता न्यूज)( रेणु ब्यास)अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेला के अवसर पर आज पारंपरिक बुड़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता के द्वारा सिरमौरी संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। जिले के विभिन्न लोक कलाकारों के दलों ने बुड़ाह पारंपरिक लोक नृत्य के साथ वाद्य यंत्रों की धुन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया और अपनी-अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।  सिरमौरी सभ्यता के आरम्भिक इतिहास को लोक संगीत से ही जाना जा सकता है बुडाह नृत्य जिला सिरमौर में दीवाली के पर्व पर अमावस्या से भैया दूज तक किया जाता है। इस नृत्य के आरम्भ में इसके इतिहास को भी गाया जाता है। जिसके अनुसार बुडाह नृत्य को पाण्डवों ने श्री कृष्ण के परामर्श से समायोजित किया था।इस नृत्य के समय ऐतिहासिक वीरगाथायें युद्ध गाथायें व हारुलों का गायन किया जाता है। इस नृत्य का मुख्य आकर्षण इसकी पोशाक है जिसमें चोलना, डांगरा,आभुषण से सुसज्जित लोक गायक बाँसुरी हुडक थाली दमामु/दमान्टु आदी वाद्यों के साथ झूम झूम कर गायन व नृत्य प्रस्तुत करते है। भाषा एवं संस्कृति विभाग और रेणुका विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान द्वारा आयोजित पारंपरिक बुड़ाह लोक नृत्य प्रतियोगिता में कुल सात दलों ने भाग लिया। जिनमें गिरी आर हाटी कला मन्च, गुगा महाराज बुडियात संस्कृति क्लब, सांस्कृतिक कला मन्च पखवान, बुड़ाह नृत्य दल ऊँचाटीकर, शिरगुल कला मन्च घाटों, पारम्परिक बुड़ाह लोकनृत्य संस्कृति दल हनत, बुड़ाह लोकनृत्य दल सेंज ने अपनी प्रस्तुतियां दी।जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी ने बताया कि प्रथम स्थान पर रहे बुड़ाह लोकनृत्य दल सेंज  को 21 हजार रुपये, दूसरे स्थान पर रहे बुड़ाह नृत्य दल ऊँचा टीकर को 15 हजार रुपये, तथा तीसरे स्थान पर रहे सांस्कृतिक कला मन्च पखवान को 11 हजार रुपये नगद इनाम के साथ सभी दलों के सदस्यों को एक हजार रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा भत्ता/पारिश्रमिक दिया जाएगा।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को पक्का टैंक नाहन में लगेगा योग शिविर
    • 10 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”
    • आयुर्वेदिक अस्पताल के गेट पर फंदे से लटका मिला सब्जी विक्रेता का शव, क्षेत्र में सनसनी
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.