Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को पक्का टैंक नाहन में लगेगा योग शिविर
    • 10 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”
    • आयुर्वेदिक अस्पताल के गेट पर फंदे से लटका मिला सब्जी विक्रेता का शव, क्षेत्र में सनसनी
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    • 100 बिस्तरों वाले हरोली अस्पताल के विस्तार को रफ्तार, अतिरिक्त भवन के लिए 8.42 करोड़ मंजूर*
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, June 8
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन सिरमौर में करोड़ों के घोटाले का आरटीआई से पर्दाफाश
    सिरमौर

    सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन सिरमौर में करोड़ों के घोटाले का आरटीआई से पर्दाफाश

    By Himachal VartaOctober 28, 2022
    Facebook WhatsApp

    Scam-worth-crores-exposed-i.jpgसरकार के संरक्षण में गरीबों के राशन पर अग्रवाल फ्लोर मिल ने खेला बड़ा खेल                                                                           नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(एसपी जैरथ):- प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिला सिरमौर सिविल सप्लाई में करोड़ों के राशन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश नाहन के एक कारोबारी रितेश गोयल के द्वारा ली गई आरटीआई में हुआ है। मामला ना केवल राशन की ढुलाई को लेकर है बल्कि विभाग की मिलीभगत के साथ कई ट्रक गेहूं के फर्जी तरीके से पिसाई दिखाकर सरकारी पैसा मिल बांट कर खाया गया है। आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार, अग्रवाल फ्लोर मिल के द्वारा 28 फरवरी 2021 को 340 बैग एपीएल का आटा हरिपुरधार गाड़ी संख्या (एचपी 71 8205) से भेजा गया दिखाया गया है।सकी हरिपुरधार में विभाग के द्वारा रिसीविंग 3 मार्च 2021 को चालान में दिखाई गई है। वही, इसी गाड़ी नंबर को एपीएल आटा के 415 बैग के साथ शिलाई के कफोटा के लिए 28 फरवरी 2021 यानी सेम डेट पर भेजा जाना बताया गया है। इस राशन की कफोटा में रिसीविंग 9 मार्च 2021 की विभाग के द्वारा दिखाई गई है। यहां आपको यह भी बता दें कि इन दोनों स्टेशनों में करीब 200 किलोमीटर का अंतर है। यानी एक ही डेट पर एक ही नंबर की गाड़ी लोड होती है। जाहिर सी बात है राशन किसी एक स्टेशन पर पहुंचा है जबकि दूसरे स्टेशन पर फर्जी बिल फर्जी रिसीविंग दिखाई गई है।

    या फिर फ्लोर मिल दोनों ही जगह आटा गया ही नहीं हो इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता। मजे की बात तो यह है कि एक गाड़ी 10 टन पास होती है मगर यहां तो कई ऐसे बिल है जिसमें 40 टन राशन ले जाना दिखाया गया है। सिंगल रोड पर वह भी ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में इतना लोड लेकर जा पाना शक के दायरे में आता है। ऐसे बहुत सारे बिल हैं और बहुत से चालान हैं जो फर्जी तरीके से एक ही गाड़ी के नाम पर अलग-अलग स्टेशन के बनाए गए हैं। ऐसे ही अजय कुमार ठेकेदार के द्वारा ट्रक संख्या (एचपी 71 6505) जिसका एचपी सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन का चालान नंबर 61230 जीआर नंबर 448 तथा एफसीआई गेट पास नंबर 104 20 है।यह गाड़ी 220 बोरी गेहूं जिसका वजन 110.62 क्विंटल बनता है। यह गाड़ी राजगढ़ के लिए रवाना होती है जो 24 जुलाई 2021 को पहुंची दिखाई गई है। हैरानी तो इस बात की है कि यही ट्रक अग्रवाल फ्लोर मिल नाहन के द्वारा 280 बोरी आटा जिसका वजन 112 क्विंटल के साथ बिल नंबर 5334, 22 जुलाई 2021 को ही यानी सेम डेट पर एक ही ट्रक हरिपुरधार के कुपवी भेजा जाना दर्शाया गया है। यानी एक ही दिन में एक ही गाड़ी काला अंब से राजगढ़ और नाहन से कुपवी किसी भी सूरत में नहीं जा सकती। दोनों स्टेशन में कई किलोमीटर का अंतर है।जाहिर है कि मिल के द्वारा ना तो आटे की पिसाई की गई और ना ही यह अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुई है। इसका भी दूसरा सबसे बड़ा सबूत जो आरटीआई में मिला है वह बड़ा अहम माना जा रहा है। क्योंकि जिस अग्रवाल फ्लोर मिल की पिसाई दिखाई गई है वह पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन वर्षों के दौरान फ्लोर मिल के बिजली का बिल 10 से 15000 के बीच में ही आया है। 2018 और 2019 में मिल के बिजली का बिल 15 से 20000 के बीच में ही रहा। दिनांक 15 मार्च 2022 को यह बिजली बिल 9000 रुपए ही आया।दिनांक 27 अप्रैल 2021 को इस फ्लोर मिल के बिजली का बिल 34098 रूपए रहा। अब यहां यह भी बताना जरूरी है कि 1 टन माल की पिसाई के ऊपर बिजली का खर्चा 450 से 500 रूपए तक आता है। यहां अग्रवाल फ्लोर मिल ने अपने बिलों में 40-40 गाड़ियों की पिसाई दिखाई है। यानी 4000 मीट्रिक टन की पिसाई का खर्चा केवल हजारों में। वहीं शहर की दूसरी फ्लोर मिल की बात की जाए तो उनका एक हजार मैट्रिक टन यानी 10 गाड़ी जो मिलती है पिसाई के लिए उस पर बिजली का बिल 44000 से ऊपर ही रहा है।जाहिर है, शहर की इस दूसरी मिल में गेहूं की पिसाई हुई है तो वहीं दूसरी वाली मिल में पिसाई हुई है या नहीं यह बड़े जांच का विषय है। अग्रवाल फ्लोर मिल ना केवल राशन की ढुलाई बल्कि गेहूं की पिसाई का भी सरकारी काम करते हैं। जानकारी तो यह भी है कि जब यह मामला हरकत में आता हुआ सिविल सप्लाई को नजर आया था तो उन्होंने अग्रवाल फ्लोर मिल से कुछ रिकवरी भी की थी। मगर सवाल यह उठता है कि जब इस बड़े घोटाले की सबूत के साथ शिकायत पीएमओ से लेकर सीएम तक की गई तो अभी तक सरकार के द्वारा कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है।जाहिर सी बात है फ्लोर मिल के मालिक को किसी बड़े नेता का संरक्षण मिला हुआ है। यहां यह भी जानना जरूरी है कि अधिकतर लोग आटा गेहूं और चावल डिपो की दुकान से लेते ही नहीं है। वही सिविल सप्लाई के अधिकारी ठेकेदार और डिपो धारकों के साथ मिलकर एक बड़े कालाबाजारी के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। यह आंकड़ा लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में आंका जा सकता है। अब यदि अकेले अग्रवाल फ्लोर मिल के तमाम बिलो आदि को खंगाला जाए तो करीब 10 करोड़ से ऊपर का बड़ा घोटाला निकल कर सामने आता है।हैरानी तो इस बात की भी है कि शिकायतकर्ता के द्वारा राज्य खाद्य एवं आपूर्ति मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग से लेकर केंद्रीय मंत्री तक इस मामले की शिकायत की गई है। बावजूद इसके, अभी तक सरकार कोई भी कार्यवाही कर पाने में असफल रही है। अब यदि इस मामले को लेकर सरकार उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराती है तो गरीबों के राशन पर महा घोटाले का राज पर्दाफाश हो सकता है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को पक्का टैंक नाहन में लगेगा योग शिविर
    • 10 जून को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”
    • आयुर्वेदिक अस्पताल के गेट पर फंदे से लटका मिला सब्जी विक्रेता का शव, क्षेत्र में सनसनी
    • राजगढ़ के शिरगुल महाराज का बैसाखी मेला बना राज्य स्तरीय
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.