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    सिरमौर

    अशियाड़ी पंचायत के प्रधान ने डकारे 39 लाख, एफआईआर दर्ज

    By Himachal VartaJune 29, 2024
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):- जिला सिरमौर की गिरिपार क्षेत्र के विकासखंड शिलाई के ग्राम पंचायत अशियाड़ी में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। अशियाड़ी पंचायत के प्रधान ने अधिकारियों की मिली भगत के चलते करीब 39 लख रुपए से अधिक की धन राशि का गबन किया है , जिसकी ग्रामीणों ने पहले आरटीआई से सूचना ली उसके उपरांत मुख्यमंत्री समेत पंचायती राज मंत्री , उद्योग मंत्री , जिला प्रशासन और विजिलेंस को शिकायत दी। शिकायत के बाद विजिलेंस ने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत  अशियाड़ी  में पंचायत प्रधान ने अधिकारियों की मिली भगत के चलते लाखों रुपए के सरकारी धन का दुरुपयोग किया है , जिसके चलते बाकायदा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने इसकी एफआईआर दर्ज करवाई है , विजिलेंस द्वारा मामले में पंचायत प्रधान के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 , 467 , 468 , 471 और 120 बी के अलावा एचपी प्रीवेंशन एंड स्पेसिफिक करप्शन प्रैक्टिस एक्ट 1983 की धारा 5 और धारा 6 के तहत भी प्रधान के खिलाफ मामला दर्ज करो किया है। ्
    साथ ही तत्कालीन जेई के खिलाफ भी विजिलेंस ने मामला दर्ज किया है। मजेदार बात तो यह है कि विजिलेंस द्वारा प्रधान और जेई के खिलाफ 27 जनवरी 2024 को एफआईआर दर्ज करवाई है लेकिन अभी तक ना तो प्रधान और ना ही जेई के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में लाई गई है और ना ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। ग्रामीणों का आरोपी है कि ग्राम पंचायत प्रधान ने शमशान घाट नेड़ा खड्ड के निर्माण में 25 लाख रुपए दिखाए हैं , जबकि मौके पर एक चौथाई राशि भी खर्च नहीं हुई है. मजे की बात तो यह है कि शमशान घाट के लिए पंचायत प्रधान द्वारा करीब 1700 बोरी सीमेंट के भी निकाले गए हैं। यही नहीं नेड़ा खड्ड से क्यार सिंचाई कूहल पर 19 लाख , भू संरक्षण कार्य के लिए 12 लाख , एम्बुलेंस सड़क टिम्बी से नलेंडी 24 लाख , भू संरक्षण कार्य उपरला दुबौड 6 लाख और सामूहिक सुरक्षा दीवार ऊपरला दुबौड 16 लाख रुपए दर्शाया गया है , जबकि उपरोक्त सभी कार्यों में एक चौथाई धन भी नहीं लगा है।  
    विजिलेंस द्वारा बरती जा रही सुस्ती के चलते आज  अशियाड़ी पंचायत के ग्रामीण जिला मुख्यालय नाहन पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया को पंचायत में हुई धांधली के बारे में बताया। मीडिया से रूबरू हुए धर्म सिंह ठाकुर , बहादुर सिंह जैलदार , भरत सिंह ,  रघुवीर सिंह , रणवीर सिंह और टीकाराम आदि ने बताया कि विजिलेंस द्वारा भले ही प्रधान और जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। बावजूद इसके भी जांच में सुस्ती बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान और जेई पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप तय होने के बावजूद भी ना तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और ना ही कोई सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है। यही नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा जो विकास कार्य किए हैं उसमें अपने ही परिवारों के लोगों को मस्टरोल जारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शीघ्र ही एफआईआर के मुताबिक प्रधान और जेई की गिरफ्तारी की जाए , ताकि दोनों द्वारा किए गए गबन का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने कहा कि यदि प्रधान के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई तो ग्रामीणों को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। उधर इस बारे में यंगवार्ता न्यूज ने जब ग्राम पंचायत प्रधान  अशियाड़ी अनिल कुमार से बात की तो उन्होंने सभी आरोपी को सीरे से नकार दिया। अनिल कुमार ने कहा कि पंचायत में जिन कार्यों के आरोप लगे हैं वह सभी कार्य ऑन गोइंग है। प्रधान ने कहा कि अभी कोई भी कार्य पूरा नहीं हुआ है और जब तक कार्य मुकम्मल नहीं होता तब तक आरोप लगाना वे बुनियाद है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा राजनीतिक रंजिश के चलते उनके खिलाफ एक साजिश की जा रही है। साथ ही ग्राम पंचायत प्रधान ने कहा कि जो कार्य रुके हैं उन कार्यों को गति देने के लिए विकासखंड अधिकारी शिलाई को मस्टरोल जारी करने के लिए कई बार आवेदन किया गया , लेकिन बीडीओ द्वारा अभी तक मस्टरोल जारी नहीं किया गया है , जिसके चलते कार्य आरंभ नहीं हो रहे हैं। उधर इस बारे में जब विकासखंड अधिकारी शिलाई अजय सूद से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विजिलेंस ने प्रधान के खिलाफ मामला दर्ज किया है , जिसके चलते जब तक जांच मुकम्मल नहीं होती और प्रधान को क्लीन चिट नहीं मिलती तब तक पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत के कार्यों को मस्टरोल जारी नहीं किया जा सकते। 
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